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life motivation in hindi

भाग्य प्रेरणादायक इन हिंदी | life & luck motivation in hindi 


भाग्य तभी साथ देता है ,जब आप अपने काम के प्रति पूर्णतः समर्पित रहते है -यह गीता में श्रीकृष्ण का कथन है |
अतः आप भाग्यवादी नजरिया (fatalistic attitude ) को न अपनाए

भाग्यवादी नजरिया वाला व्यक्ति उस गाय के तरह है जो खुटे से बंधी रहती है और उसकी रस्सी के कई लपेट खुटे में लगे रहते है | जितना चारा उस गाय के सामने आता है उसी में अपना पेट भरती है और कभी भूखी होने पर आँशु बहाती है | इसी प्रकार वह व्यक्ति अपने भाग्य रूपी खुटे से बंध कर पुरषार्थ रूपी प्राप्त स्वतंत्रा से वंचित रह जाता है | और निष्क्रयता को प्राप्त कर सोचता है हमे मानव जीवन सुख सुविधा भोगने के लिए मिला है और यह सब कुछ अवसर जाने पर खुद ही हमे प्राप्त हो जाएंगे | "लेकिन जब ऐसा नहीं होता तो वह ईस्वर और भाग्य को कोसने में देरी नहीं करता है |

luck motivational in hindi


एक व्यक्ति भगवान का भक्त था | एक बार उसके मन में करोड़पति बनने की इक्छा जागृत हुई | वह मंदिर में रोज यही प्राथना करता रहता | कई वर्ष बीत गए फिर भगवान प्रगट हुए और वह उस भक्त से बोले तुम क्या चाहते हो वह भक्त बोला हे भगवान कुछ ऐसा कर दो की मई करोड़पति बन जाऊ भगवान बोले मै कुछ ऐसा ही कर दूंगा क्योकि तेरी भक्ती से मै प्रसन हु  मगर तू भी कुछ कर भक्त मै क्या करू भगवन मै तो आपकी भक्ति करता ही हु | भगवान बोले यही तो हमारी भक्ति का फल है तू निक्मे होकर कभी भुखा नहीं रहता | अगर तुझे धनवान बनना है तो पुरुषार्थी बन कुछ कार्य कर जो मनुष्य मुझ पर विस्वास करके निष्काम -कर्म करता है मै उसकी हर इच्छा पूरी करता हु |

life motivation in hindi 

याद रखे
परुषार्थ करने से ही सफल जीवन बनता है केवल भाग्यवादी बनकर नहीं भाग्य तो अतीत के किये गए कर्मो का संचित फल है ,जो मनुष्य को सुख और दुःख के रूप में भोगने को मिलते है और वह फल भोगने के बाद क्षीण हो जाते है | विशेष बात यह भी है की उन सभी के भोग करने का कोई निश्चित नहीं है |  ऐसी स्थिति में वह कब तक भाग्य के भरोसे सुख की प्रतीक्षा करता रहेगा |

ये सही भी है की परुषार्थ करने में ही जीवन की सफलता सुनिशिचत है ,जबकि व्यक्ति भाग्य के सहारे निष्क्रयता को जन्म देकर अपने सुनहरे क्षणों को नष्ट कर देते है | महाभारत के युद्ध में श्रीकृष्ण अगर चाहते तो पलक झपकते ही पाणडवो को बिजय दिलवा देते लेकिन वह नहीं चाहते थे की बिना कर्म किये उन्हें यस मिले | उन्होंने अर्जुन को कर्म योग का पाठ पढ़ाकर उन्हें बिजय दिलाए

अतः आप विकास की नई नई मंजिले तय करने और उनती की और बढ़ने के लिए अपने पुरुषार्थ को कभी शिथिल न होने दे और पूर्ण उत्साह के साथ आगे बढ़ते रहे


is the arceveryman hitect of his own fortune.

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life motivation in hindi life motivation in hindi Reviewed by vishal pathak on November 03, 2018 Rating: 5

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